Mutual Fund Return and Scheme

 भारत का शेयर मार्केट 2002 के कांग्रेस सरकार के कार्यकाल मे बढ़ना शुरू हुआ ओर उसके बाद पीछे मूड कर नहीं देखा उस दौरान NPS यानि पेंशन स्कीम आम जनता के लिये लायी गयी ओर सरकार के पास पैसा आया ओर भारत मे उन्नति हुई आजकल लोगो मे एक होड़ चल रही हैं की पैसे को कैसे प्राप्त किया जाये इस के लिये उन लोगो ने शेयर मार्केट मे काफ़ी पैसा लगाया काफ़ी लोगो ने कमाया लेकिन काफ़ी लोग अपना पैसे को बढ़ा नहीं सके इसके बाद उन लोगो ने म्यूच्यूअल फण्ड मे पैसे को लगाया इन लोगो को गूगल सर्च से स्कीम मे लगाया लेकिन गूगल मे सिर्फ झूठा प्रचार था ओर असली रिटर्न्स वाली स्कीम गूगल सर्च मे थी ही नहीं इस तरह लोगो को रियल स्कीम जोकि काफ़ी ज्यादा रिटर्न्स दे रही थी उनकी जानकारी नहीं थी इस तरह उनको कम रिटर्न्स मिल रही है जबकि म्यूच्यूअल फंड्स मे काफ़ी रिटर्न्स आ रही है



आप रिटर्न्स लेने के लिये एजेंट की सेवा ले ओर उन्हें भी घर चलाने का मौका दे ओर उन एजेंट के जरिये म्यूच्यूअल फण्ड मे इन्वेस्टमेंट करें क्योंकि जौ NAV यानि स्कीम का रेट मिलता है वो गूगल मे देख कर लगाने से कम से कम 4 या 5 रुपए कम होता है तो इस तरह कम NAV यानि रेट मे यूनिट लेने से ज्यादा यूनिट मिलती है ओर रिटर्न्स भी ज्यादा ही आती है किसी के बहकावे मे आकर या गूगल सर्च करके रिटर्न्स लेनी चाहिये ना की एजेंट से अनजान बन कर की ये छोठा आदमी है हम जानते है की एजेंट लोग की हैसियत कुछ नहीं होती है लेकिन किसी भी इनकम टैक्स क़ानून मे ये नहीं लिखा की इनकम टैक्स रिटर्न चार्टेड अकाउंटेड से भरवानी जरूरी है फिर भी हम इनकम टैक्स रिटर्न चार्टेड अकाउंटेंड से भरवाते है जबकि कानूनन जरूरी नहीं है फिर हम क्यों इनकम टैक्स रिटर्न खुद नहीं भरते क्यों नहीं गूगल सर्च करके फ्री मे भरे आजकल तो AI का जमाना है इस लिये एजेंट की सेवा ले ओर ज्यादा यूनिट लेकर ज्यादा रिटर्न ले 

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